जौनपुर।शुक्रवार रात्रि लगभग 12:00 बजे से वर्ल्ड बैंक फीडर से की जाने वाली विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के बाद, शनिवार दोपहर लगभग 12:00 बजे आपूर्ति की गई वह भी एक घंटे के लिए, दोबारा कटने के बाद शाम के 6:00 बजे आपूर्ति शुरू हुई 5 से 10 मिनट के अंतराल पर फिर बिजली चली गई और यह सिलसिला रात 11बजे रात्रि तक आने जाने का सिलसिला 4 से 5 बार लगा रहा। बता दें वर्ल्ड बैंक फीडर से विद्युत सप्लाई शहर के लगभग 10 से 15 मोहल्लों में की जाती है। रविवार को भी बिजली की आंख मीचौली पूर्व की तरह चलती रही। शाम 6:00 बजे के बाद 9:00 बजे तक 5 मिनट 10 मिनट आना जाना लगा रहा
बता दे शुक्रवार को अचानक मौसम ने मामूली तौर पर करवट क्या बदली विद्युत विभाग को जैसे अंधाधुंध बिजली कटौती का कोई शासनादेश मिलने के साथ ही पुरस्कार के तौर पर प्रमाण पत्र भी मिल गया हो। सिर्फ और सिर्फ अपनी काहेलियतक और कमियों को छुपाने के लिए विभिन्न प्रकार का फाल्ट बता कर जनता को सिर्फ मूर्ख बनाने का कार्य किया जा हैं। जिसके कारण आम जनजीवन अस्त—व्यस्त हो जाया करता है। लोगों को न दिन में चैन मिलता है और न ही रात में अचानक बारिश होने के कारण अघोषित बिजली कटौती लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई है।
तीन दिनों से लगातार रुक रुक कर बारिश होने के चलते विद्युत विभाग के संबंधित कर्मचारी फाल्ट के नाम पर अंधाधुंध बिजली कटौती कर रहे है। जिसके कारण
लोगों को बिजली से संबंधित विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जानकारी करने पर यह मालूम होता है कि उपभोक्ताओं की परेशानी दूर करने सहित नियमित विद्युत आपूर्ति को लेकर बारिश बंद होने पर जान जोखिम में डालकर व्यवधान उत्पन्न कर रही समस्याओं का समाधान करने में भी विद्युत कर्मचारी जुट जाते हैं। लेकिन किस तरह फाल्टों को ठीक करते हैं कि कुछ ही समय पश्चात पुनः या तो ठीक किए गए फाल्ट में खराबी उत्पन्न हो जाती है या कहीं अगल-बगल दूसरा फाल्ट हो जाता है। जिसको ढूंढने में घंटो लग जाया करता है। और विद्युत आपूर्ति दिन हो या रात सुचारू रूप से कितने से कितना घंटा बाद चलेगी इसका कोई भरोसा नहीं और ना ही कोई बताने वाला ही है। आम जनमानस को विद्युत से संबंधित किन-किन परेशानियों से दो-चार होना पड़ेता है बस वही बता सकता हैं। कुछ विद्युत कर्मचारी द्वारा नाम न छापने की शर्त पर बताया गया है कि जब से क्षेत्र में नए जेई आए हैं फाल्ट होने पर उसे ढूंढने और ठीक करने में काफी समय निकल जाता है और समय पर फॉल्ट ना ठीक किए जाने से विद्युत समस्या और भी जटिल हो जाया करती है।