जौनपुर।अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय रूपाली सक्सेना की अदालत ने मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग लड़की का अपहरण व दुष्कर्म करने के आरोपी भोला सिंह को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 13,000 रुपए अर्थदंड तथा अपहरण व पाक्सो एक्ट के आरोपी मंगला सिंह को 4 वर्ष के कठोर कारावास व 8000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन कथानक के अनुसार मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने मुकदमा पंजीकृत करवाया कि 7 अक्टूबर 2017 को 8:00 बजे 15 वर्षीय पुत्री को खाना बनाने को कहा तब उसने मना किया। थोड़ी देर बाद जेठ ने बताया कि पीड़िता पैदल ही जंघई की तरफ गई है। रात भर घर नहीं आई। लड़की रिश्तेदार के यहां पहुंची। फोन से सूचना मिलने पर वादिनी वहां गई तो पीड़िता ने बताया कि वह सड़क पकड़ कर जा रही थी। रास्ते में मोटरसाइकिल से मंगला सिंह मिले और उसे बैठा कर जंघई की तरफ जाने लगे। रास्ते में उसके साथ बुरा काम किया। फिर जंघई रेलवे फाटक के पास लेकर गए। वहां भोला सिंह पीड़िता को मोटरसाइकिल से लेकर चले गए। रेलवे स्टेशन के आगे नदी के किनारे ले जाकर भोला ने पीड़िता के साथ दुराचार किया और पीड़िता को छोड़कर चला गया। वह रिश्तेदार के घर पहुंची, वहां जाकर वादिनी पीड़िता को लेकर घर आई।
पुलिस ने विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी व रमेश चंद्रपाल के द्वारा परीक्षित कराए गए गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात अदालत ने दोनों आरोपियों को उक्त दंड से दंडित किया।