पासपोर्ट वेरिफिकेशन में भ्रष्टाचार पर मिशन रिमूव करप्शन ने उठाई आवाज

Belal Jani
By -


राष्ट्रपति व डीजीपी समेत शीर्ष अधिकारियों को भेजा पत्र


जौनपुर।“क्या भ्रष्टाचार की लानत से देश के लोगों को कभी मुक्ति मिल सकती है, या फिर सरकारें केवल कागज़ पर भ्रष्टाचार मुक्त दिखाकर अपनी पीठ थपथपाती रहेंगी?” — इन्हीं तीखे शब्दों के साथ मिशन रिमूव करप्शन के संचालक एवं हिंदुस्तान मानवाधिकार संघ के राष्ट्रीय महासचिव वकार हुसैन ने देश के राष्ट्रपति, विदेश मंत्रालय, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक, सीबीआई लखनऊ तथा पुलिस अधीक्षक जौनपुर को एक पत्र भेजा है।

पत्र में उन्होंने पासपोर्ट आवेदकों से धन उगाही, पासपोर्ट सेवा केंद्रों व पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों में भ्रष्टाचार, तथा पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

महासचिव ने पत्र में लिखा कि लगभग दो दशक पूर्व भी उन्होंने इसी प्रकार की शिकायत देश के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से की थी, जिसके बाद जांच में कई पुलिसकर्मी और एल.आई.यू. अधिकारी दोषी पाए गए थे। उस समय यह मामला राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में रहा और लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब पासपोर्ट आवेदकों को इस “जिल्लत और भ्रष्टाचार” से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन हालात आज भी जस के तस हैं।

उन्होंने कहा कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान आवेदकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाता है, और थाने के भयावह माहौल में उनसे “मुंहमांगी रकम” वसूल की जाती है।