बेसमेंट में चल रहे अस्पतालों को बन्द करने का सीएमओ ने दिया आदेश,फिर भी चल रहे

Belal Jani
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जौनपुर। स्वास्थ्य विभाग के लाख प्रयास के बावजूद भी बेसमेंट में निजी अस्पतालों का संचालन चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर के जेसीज चौराहा, नईगंज से लेकर अन्य जगहों पर बेसमेंट में अस्पताल चल रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी मानक के विपरीत अस्पतालों का संचालन बिना रोक टोक के धड़ल्ले किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर लक्ष्मी सिंह ने 29 अक्टूबर तक ऐसे अस्पतालों का संचालन बंद करने का निर्देश दिया था। लेकिन इसके बावजूद भी संचालन होना अपने आप में एक सवाल है। स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी के बाद भी आखिर अस्पताल संचालकों पर कोई असर क्यों नहीं हो रहा है। इसकी चर्चा इन दिनों जोरों पर है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा यदि कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो मानकों की इसी तरह धज्जियां उड़ाई जाती रहेंगी। 

बताते दें कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बेसमेंट में संचालित सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों को 29 अक्टूबर तक बंद करने का निर्देश दिया था लेकिन इसका पालन अभी तक नहीं हुआ है।

बिल्डिंग बायलॉज में स्पष्ट प्रावधान है कि बेसमेंट पर फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) नहीं गिना जाता, क्योंकि यह केवल पार्किंग के लिए होता है। इसी का फायदा उठाते हुए अस्पताल प्रबंधन ने बेसमेंट को व्यावसायिक उपयोग में ले लिया है। इससे न केवल भवन नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। आग लगने या अन्य आपात स्थिति में बेसमेंट से बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में इस तरह की लापरवाही चिंता का विषय बनी हुई है।