जौनपुर।केराकत कोतवाली क्षेत्र के बाजार और सड़क के किनारे ही नहीं गांवो में भी इन दिनों अवैध रूप से होटल और ढाबे खुल गए हैं। यहां पर अनैतिक कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है। इनमें कई होटल और ढाबे ऐसे भी हैं, जो कि बिना लाइसेंस के ही संचालित हो रहे है। और यह प्रशासन की सब कुछ नाक के नीचे हो रहा है लेकिन जाने क्यों वह मौन है।
बताया जाता है कि कुछ लोग गांवो में मकान किराए पर लेकर उसका इस्तेमाल होटल के रूप में कर रहे हैं। ऐसे होटलों में देर रात तक संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इससे गांव के लोगों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। माहौल भी खराब होता है, सुरक्षा को लेकर हमेशा खतरा बना रहता है।
आरोप है कि गांवो में होटल खोलने की न जाने कैसे अनुमति दी जा रही है। जिसके चलते अवैध होटल संचालित हो रहे हैं। ऐसे संचालित हो रहे होटलों और ढाबों को बंद कराया जाना चाहिए, जिससे कि आसपास के लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
होटल खोलने के लिए पर्यटन विभाग, अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग, पुलिस विभाग, नगर पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है। इसके बाद जिला प्रशासन से होटल के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है। होटल में सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। शिकायत मिलने पर होटलों की जांच की जाती है, यदि अनैतिक गतिविधि मिलती है तो होटल को सील किया जाता है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार रजक ने कहा कि देह व्यापार का मामला पकड़ में आने के बाद होटलों के लाइसेंस को निरस्त किया जायेगा साथ ही आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्यवाई भी किया जायेगा।