जौनपुर।मेडिकल की पढ़ाई में दाखिले की सनक एक युवक को इस हद तक ले गई कि उसने खुद को दिव्यांग बनाने के लिए अपने ही पैर का पंजा काट लिया। मामला सामने आने पर न केवल पुलिस, बल्कि पूरा जिला स्तब्ध रह गया। हालांकि जौनपुर पुलिस की सतर्कता और गहन जांच ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
घटना लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव की है। गांव निवासी सूरज भास्कर ने पुलिस को सूचना दी थी कि देर रात कुछ अज्ञात बदमाश उसके निर्माणाधीन मकान में घुसे, उसकी बेरहमी से पिटाई की, बेहोश किया और उसका पैर का पंजा काटकर साथ ले गए। इस सनसनीखेज सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की जांच की जिम्मेदारी सीओ नगर गोल्डी गुप्ता को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस को युवक की कहानी में कई विरोधाभास मिले। मोबाइल फोन की जांच में एक युवती का नंबर मिला, जिससे पूछताछ के बाद शक और गहराया। इसी बीच पुलिस को सूरज की एक डायरी भी मिली, जिसमें उसने लिखा था— “2026 में मैं MBBS बनकर रहूंगा।”
पुलिस जांच में सामने आया कि सूरज पहले से मेडिकल की पढ़ाई कर चुका था, लेकिन MBBS में दो बार असफल होने के बाद वह मानसिक तनाव में आ गया था। MBBS में दाखिले के लिए दिव्यांग कोटे का लाभ लेने की नीयत से उसने खुद को दिव्यांग साबित करने की खौफनाक योजना बनाई। इसी योजना के तहत उसने खुद ही अपना पैर काट लिया और पूरी घटना को बदमाशों की वारदात दिखाने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार युवक ने जांच को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी भी गढ़ी थी, लेकिन साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के आगे उसका दावा टिक नहीं सका। पुलिस ने साजिश का खुलासा करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह मामला न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि डिग्री पाने की होड़ इंसान को किस हद तक खुद के ही खिलाफ खड़ा कर सकती है।