शिक्षा का टीवी चोरी,नौनिहालों का भविष्य अंधेरे में,सूचना के बाद भी ग्राम प्रधान,सीडीपीओ व सुपरवाइजर नदारद
जौनपुर।मुफ्तीगंज प्राथमिक विद्यालय खटोलिया धर्मापुर परिसर में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र में अज्ञात चोरों ने बीती रात लाखों की चोरी कर न केवल सरकारी संपत्ति पर हांथ साफ किया, बल्कि नौनिहालों की शिक्षा व्यवस्था को भी गहरे संकट में डाल दिया है। चोरों ने केंद्र का ताला व कुंडी तोड़कर अंदर रखा गया लगभग एक लाख रुपये मूल्य का शैक्षणिक व अन्य सामान चोरी कर लिया। घटना के बाद गांव में आक्रोश और भय का माहौल है।
आंगनवाड़ी केंद्र पर तैनात कार्यकर्त्री संगीता देवी जब रोज़ की तरह केंद्र पहुंचीं और गेट खोलकर अंदर गईं, तो नज़ारा देख उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। आंगनवाड़ी कक्ष का दरवाजा कुंडी सहित टूटा पड़ा था और अंदर रखा सारा सामान गायब था। चोरी की जानकारी मिलते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। किसी तरह उन्होंने अपने पति को सूचना दी। इसके बाद सुबास चंद्र मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई।
घटना की सूचना तुरंत डायल 112 नंबर पर दी गई। साथ ही ग्राम प्रधान, सीडीपीओ व सुपरवाइजर को भी अवगत कराया गया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि सूचना के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। केवल 112 पुलिस टीम मौके पर आई, औपचारिक निरीक्षण किया और यह कहकर चली गई कि थाने में लिखित तहरीर दी जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र में परियोजना के तहत टीवी के माध्यम से बच्चों को शिक्षा दी जा रही थी। छोटे-छोटे बच्चे टीवी के जरिए पढ़ाई करते थे, लेकिन चोरी के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। सरकारी योजनाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
चोरी गया सामान
एक टीवी
एक पंखा
परियोजना द्वारा उपलब्ध कराई गई बाल पुस्तिकाएं
अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री
चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग एक लाख रुपये आंकी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय परिसर के अंदर संचालित होता है, इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। सबसे अधिक नाराजगी इस बात को लेकर है कि ग्राम प्रधान जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति ने भी घटना स्थल पर पहुंचना उचित नहीं समझा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मामले का खुलासा किया जाए, दोषियों की गिरफ्तारी हो और आंगनवाड़ी केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू हो सके और सरकारी योजनाओं पर लोगों का भरोसा बना रहे।