पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश लखनऊ व अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन वाराणसी द्वारा वर्चुअल रूप से कार्यक्रम को किया गया सम्बोधित
जौनपुर।दिनांक 19.11.2025 को रिजर्व पुलिस लाइन के बहुउद्देशीय हॉल में साइबर जागरूकता कार्यशाला (Cyber Awareness Workshop) का सफल आयोजन किया गया।
यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) और अपराधों से आम नागरिकों तथा पुलिसकर्मियों को जागरूक करना और उनके बचाव के तरीकों पर प्रशिक्षण देना था।
कार्यक्रम के दौरान।पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ और अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, वाराणसी ने वर्चुअल माध्यम से सीधे संवाद स्थापित किया. उन्होंने साइबर सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए प्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
वर्कशॉप में साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करने के लिए साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट राहुल मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए व्यावहारिक जानकारी और तकनीकी गुर साझा किए।
इस अवसर पर जिला जज,जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी जौनपुर, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, सहायक पुलिस अधीक्षक (नगर/लाइन्स), सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे, जो इस विषय की गंभीरता को दर्शाता है। कार्यक्रम में श्रीमती आदर्श वर्मा (मिशन शक्ति) और सेव लाईफ फाउंडेशन (रोड सेफ्टी) के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर बात की।
पुलिस अधीक्षक ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे साइबर फ्रॉड की किसी भी घटना को हल्के में न लें और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें। इस वर्कशॉप का उद्देश्य आम जनता और पुलिस बल के बीच साइबर सुरक्षा की एक मजबूत कड़ी स्थापित करना है, ताकि जौनपुर में एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।