उर्दू दिवस के रूप में मनाया गया डॉ. अल्लामा इक़बाल का जन्मदिवस

Belal Jani
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जौनपुर। रविवार को नगर क्षेत्र में स्थित तंदूरी दरबार बैंक्वेट हॉल में देर शाम फलाह वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वावधान में विश्व प्रसिद्ध शायर डॉ.अल्लामा इक़बाल की जयंती और उर्दू दिवस के मौके पर एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती शिक्षा दिवस के रूप में मनाई गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ हाफ़िज़ मोहम्मद आज़म ने तिलावत ए क़ुरआन से किया। नात हाफ़िज़ एहसान खैराबादी ने इस तरह से सजा और सवार कर पढ़ा कि उपस्थित लोग उन्हें शाबाशी और दाद देने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेंट जोसेफ ग्रुप के चेयरमैन डॉ. नोमान खान ने की। मुख्य अतिथि के रूप में शारजाह दुबई मुशायरा के संस्थापक दानिश ज़िया एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में साजिद खान आज़मी अध्यक्ष बहुगुणा स्मृति समिति आज़मगढ़,डॉ. सरफ़राज़ खान चेयरमैन प्रतिनिधि नगर पंचायत जफराबाद, मोहम्मद आरिफ खान नगर अध्यक्ष शहर कांग्रेस कमेटी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ.नोमान खान ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अल्लामा इकबाल और मौलाना आज़ाद ने शिक्षा को क़ौम की आज़ादी और ईमान का हिस्सा बताया।लेकिन आज का मुसलमान शिक्षा के महत्व को समझ नहीं पा रहा है,उर्दू भाषा हमारी संस्कृति से जुड़ी हुई है।इसके बावजूद आज लोग अपने बच्चों को उर्दू पढ़ाना नहीं चाहते हर कोई सिर्फ विदेशी भाषाओं की तरफ भाग रहा है। जिसका सीधा असर हमारी अपनी संस्कृति पर पड़ रहा है। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे दुबई के कारोबारी दानिश ज़िया ने कहा कि मौलाना  आज़ाद ने शिक्षा को समाज की रीढ़ माना जबकि अल्लामा इकबाल ने अपनी शायरी के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास और देशभक्ति का संचार किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सरफ़राज़ खान चेयरमैन प्रतिनिधि नगर पंचायत जफराबाद ने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मस्जिदों में मकतब की स्थापना की बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि दोनों ही महापुरुषों का सपना था कि मुसलमानों के दिल में ईमान, हांथ में क़लम और मक़सद में इंसानियत हो और आज हमें उनके सपने को साकार करने के लिए आगे आने की आवश्यकता है। साजिद खान आज़मी ने कहा कि उर्दू भाषा हमें तहज़ीब सिखाती है जिसे ज़िंदा रखना अति आवश्यक है। आरिफ़ खान ने कहा कि उर्दू प्यारी भाषा है मगर आज राजनीति ने हिन्दू मुस्लिम में बांट कर इसके साथ सौतेला व्यवहार किया है जो चिंतनीय है।
साथ ही कार्यक्रम में नदवतुल उलमा लखनऊ के पूर्व कुलपति मौलाना अबुल इरफान खान नदवी के नाम से अवार्ड देने की पहल की गई है। तथा शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले मौलाना इम्तियाज नदवी को फलाह वेलफेयर ट्रस्ट की तरफ से 10 हजार एक सौर रूपए के साथ प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।कार्यक्रम का संचालन अपने खूबसूरत अंदाज में मज़हर आसिफ़ ने किया। अंत में फलाह वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष पत्रकार अजवद क़ासमी ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर मौजूद सैय्यद मसूद मेहंदी,मौलाना मजफूज राकिम इब्राहीमी,अरशद क़ुरैशी,बादशाह एडवोकेट,इरफ़ान इक़बाल,वसीम खान,डॉ वकील नज़ीर,डॉ साजिद शेरवानी,नियाज़ ताहिर शेखू,साजिद अनवार,माजिद अनवार,आसिफ़ आर एन,शाहनवाज़ मंज़ूर,साद खान,अहमद हफ़ीज़,अकरम जौनपुरी,मोनिस जौनपुरी,नादिम जौनपुरी,अंसार जौनपुरी,मुस्तइन जौनपुरी,खलील इब्न ए असर जौनपुरी,इरफान अब्बासी एडवोकेट,अकरम अंसारी,सलाहुद्दीन खान,शमसुज़्ज़मा,दिलदार अहमद,रोज़ी अंसारी,फरहीन अख़्तर समेत अन्य लोग रहे।