आस्था के आगे प्रशासन की बंदिश पड़ी फ़ीकी, महिलाओं ने कनूरी कर मांगी मुरादें
जौनपुर।खेतासराय प्रदेश सरकार ने पहलगाम आतंकवादी हमला और वक्फ़ बोर्ड आंदोलन को देखते हुए अन्य स्थानों की तरह खेतासराय में लगने वाले गाजी मियां के मेले पर रोक लगा दिया।इसके बावजूद भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने खेतासराय कस्बा और मनेछा में पहुँचकर कनूरी कर मन्नतें मांगी । हालाकि पुलिस की सख़्ती के चलते देर तक नही जमा रह सके । पारंपरिक लगने वाले मेले में सख़्ती के चलते दुकानें नदारत रही । पुलिस प्रशासन की निगरानी के बाद भी देर शाम तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा ।
खेतासराय कस्बे के डोभी और मनेछा गांव में स्तिथ दरगाह और खाली स्थानों पर मेले में पहुँचे श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था प्रकट के साथ ही कनूरी कि और पूजा कर रहे है । स्थानीय पुलिस मेले में आये श्रद्धालुओं को समझा बुझा कर वापस करती रही लेकिन शासन के बंदिश से अनजान श्रद्धालु पहुँचते रहे । आस्था के आगे पुलिस भी असहाय नजर आई।
प्रशासन की पहले से शिकंजा कसने के चलते स्थानीय स्तर पर सक्रिय डफाली नही दिखे ।
खास बात यह रही कि इस मेले में प्रतिबंध के बाद भी हिन्दू श्रद्धालुओं की सँख्या अधिक दिखी, जो गंगा जमुना तहज़ीब का संदेश देती है ।
थानाध्यक्ष रामाश्रय रॉय ने बताया कि इस बार मेले में शासन की तरफ़ से रोक लगाई थी । रोक के बाद भी श्रद्धलुओं आ गए थे उन्हें समझा बुझाकर वापस भेजा गया ।
बता दें संभल, बहराइच के बाद जौनपुर के खेतासराय में मेला न लगने से छोटे दुकानदार के साथ बड़े दुकानदार मायूस दिखे । आस्था का प्रतीक इस मेले में एक माह पहले ही सर्कस, सौंदर्य के साथ खाने पीने की दुकानें लग जाती थी । सूत्रों की मानी जाय तो गाजी मियां के मेले में लाखों रुपया का व्यसाय होता रहा है। लखनऊ का हलवा पराठा के साथ ही तरबूज़ की अधिक बिक्री होती थी लोग जमकर तरबूज़ का लुत्फ़ उठाते थे।