अस्पतालों में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने के लिए, वकार हुसैन ने लिखा पत्र

Belal Jani
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जौनपुर। चिकित्सा के नाम पर प्राइवेट अस्पतालों में होने वाली ठगी,लूट,धोखाधड़ी और सरकारी अस्पतालों में  व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मिशन  रिमूव करप्शन के संचालक एवम हिंदुस्तान मानवाधिकार  के राष्ट्रीय महासचिव वकार हुसैन  ने  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, महा निदेशक केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद   नई दिल्ली ,और मुख्य मंत्री  आदि को पत्र भेज कर इस पर अंकुश लगाने की मांग की है।
  उन्होंने लिखा है कि यह अत्यंत सुखद और चिन्ता का विषय है कि चिकित्सा  जैसा  पवित्र मानवीय पेशा ,  विश्वास   व भरोसे का पर्याय  और ईसा मसीह का पवित्र कार्य, कुछ धनलोभी  चिकित्सा माफियाओं द्वारा  आज विशुद्ध  धंधा बन  कर बदनाम किया जा रहा है।प्राइवेट अस्पतालों का हाल यह है कि मरीज चंगुल में फंसते ही कंगाल कर दिया  जाता है।महंगी फीस,महंगा बेड चार्ज,महंगा नर्सिंग चार्ज,कमीशन के उद्देश्य से  ढेर सारी महंगी दबाए और ढेर  सारी महंगी जांचे ।मरीज मर जाए,मगर लाखों की बिल उसके नाम पर तैयार । आज कल कुछ अस्पतालों के लिए आयुष्मान योजना धन कुबेर बना हुआ है ,जहां मरीजों को धोखा देकर करोड़ों रुपए प्राप्त किए जा रहे हैं।इस संबंध में जौनपुर के कंधरपुर  का सैलवैशन अस्पताल  लोगों के बीच चर्चा का विषय बना  हुआ है,जहां आयुष्मान कार्ड  द्वारा फर्जीवाड़ा कर सरकारी खजाने में करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है।
 इन प्राइवेट  अस्पतालों में मोटी रकम के ही उद्देश्य से गर्भवतियों की  क्रिटिकल स्थिति का खौफ दिला कर,नॉर्मल डिलीवरी संभव के बावजूद  सिजेरियन डिलीवरी  कर पेट फाड़ कर जच्चा बच्चा दोनों के स्वस्थ को जोखिम में डाल दिया जाता है। नैतिक पतन इस हद तक कि दम   
तोड़ चुके मरीजों को भी वेंटीलेटर पर कई दिनों तक जिन्दा दिखाया जाता है। शर्म की बात है  कि इतने पवित्र पेशे से जुड़े  लोग दलाल और कमीशन के सहारे धन बटोर रहे हैं।,
ऐसे में प्राइवेट अस्पतालों के महंगे खर्च और लूट से बचने के लिए साधारण व गरीब मरीज सरकारी अस्पताल में ही जाना  चाहता  हैं, परन्तु यहां  उन्हें उपेक्षा और  भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है।सरकार की तरफ से सारी सुविधाएं होने के बावजूद ,अक्सर जांचे और दवाएं बाहर से,यहां तक कि हर ऑपरेशन से पहले सौदेबाजी की जाती है 
  गर्भवतियों के लिए सरकारी योजनाएं, जननी सुरक्षा योजना,प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना,प्रसूति सहायता योजना ,आदि में व्यापक फर्जीवाड़ा और घोटाला किया जा रहा है  यह केवल आरोप नहीं है, बल्कि बहुत से घोटाले  पकड़े जा चुके  हैं, हद यह है महिला अस्पताल के कार्यालय में बैठे बाबू जन्म प्रमाण पत्र देने के एवज धन उगाही कर रहे है, इसके लिए उन्हें कई दिनों तक दौड़ाया जाता है। इस संबंध  में जब मैने महिला अस्पताल के सीएमएस से शिकायत करना चाही तो विषय सुनते ही उन्होंने मेरा फोन काट दिया। 
      श्री हुसैन  ने अपने पत्र द्वारा प्राइवेट अस्पतालों में होने वाली लूट और सरकारी अस्पतालों में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने को कहा है।