पुलिस को बगैर सूचना के परिजन अंतिम संस्कार को लेकर चले गए
जौनपुर।सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के तरसावां गांव में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई जब 17 वर्षीय युवक के कमरे का दरवाजा करीब 11 घंटे से बंद पाया गया। अंदर से कोई आवाज न आने और फंदे पर झूलने की आशंका के बाद पूरे गांव में दहशत और चिंता का माहौल बन गया। परिजनों ने मुंबई से लौटने के बाद ही कमरे को खोलने की बात कही।
जानकारी के अनुसार, तरसावां गांव निवासी गिरधारी का 17 वर्षीय पुत्र सौरभ अपने चाचा और अन्य परिजनों के साथ गांव में रह रहा था, जबकि उसकी मां और एक भाई मुंबई में रहते हैं। बुधवार सुबह जब सौरभ के कमरे का दरवाजा लंबे समय तक नहीं खुला तो परिवार के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने आवाज दी लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
घटना की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो आसपास के लोग मौके पर जुट गए। किसी ने मोबाइल के जरिए सौरभ की मां को सूचना दे दी, जिसके बाद वह अपने बेटे के साथ मुंबई से घर लौटने के लिए रवाना हो गईं। उधर, कमरे का दरवाजा बंद रहने से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
बताया गया कि सौरभ की मां फ्लाइट से पहुंच कर बन्द दरवाजा खोला गया, सौरभ की लाश को परिजन बगैर पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार करने के लिए लेकर चले गए। जिसकी ग्रामीणों में काफी चर्चा हो रही है। इस संबंध में
थाना प्रभारी जयप्रकाश यादव ने बताया कि उन्हें ऐसी किसी घटना के बारे में जानकारी नहीं है।