दलित दूल्हा घोड़ी पर बैठा तो लोगों ने पथराव कर की मारपीट, बारातियों के चप्पल पहनने पर भी किया हंगामा

Belal Jani
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MP News: बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों में न लोगों की सोच बदली न नजरिया, जिसके चलते एक दलित दूल्हे को इसका शिकार होना पड़ा और सैकड़ों रिश्तेदारों के सामने बेइज्जत कर पथराव और मारपीट कर जलील किया गया. 
सूर्यप्रकाश गोस्वामी
Edited by:
अंबु शर्मा
मध्य प्रदेश न्यूज़

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है. यहां दलित दूल्हे का घोड़ी पर बैठना और चप्पलें पहनकर बारातियों का एक मोहल्ले से गुजरना कुछ लोगों को इतना नागवार गुजरा कि बारात पर पथराव ही कर दिया. इस घटना में 4 लोग घायल हो गए हैं. इसकी रिपोर्ट भी पुलिस थाने में दर्ज कराई गई है.  पूरा मामला बड़ागांव धसान पुलिस थाना क्षेत्र का है.   

पहले गालियां दीं फिर किया पथराव
जिले के बड़ागांव धसान पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले गांव मोखरा की यह घटना है. जितेंद्र अहिरवार की शादी थी और वह बारात से पहले गांव में विनायकी ( राछ) घुमाने की रस्म हो रही थी. इसके लिए वह घोड़ी पर सवार हुआ था. घोड़ी पर बैठकर बैंड बाजों के साथ रस्म हो रही थी. एक मोहल्ले से जैसे ही राछ निकली तो भान कुंवर राजा परमार ने पहले दूल्हे को रोककर गालियां दीं और फिर दूल्हे को रोककर कहा तेरी हिम्मत कैसे हुई हमारे सामने घोड़ी पर बैठने की. तुम नीची जाति के लोग इतने बढ़ गए और घर में बैठे सूर्य पाल और दृगपाल के सहयोग से दूल्हे को पत्थर मारे गए. 

दूल्हे ने आपबीती बताते हुए कहा कि-
"आज मेरी शादी थी और सागर बारात जानी थी. उसके पहले गांव में राछ निकाली जा रही थी, तभी घोड़ी पर बैठकर एक मोहल्ले से निकल रहे थे तो लोगों ने पथराव किया गया. जिसमें चार लोगों को चोट आई है. यह दबंग लोग बोले कि घोड़ी से उतरो ओर पैदल जाओ, हमारे दरवाजे से घोड़ी पर बैठकर निकलने की हिम्मत कैसे हुई तुम्हारी. ये भी कहा कि चप्पल पहने हमारे दरवाजे से नहीं निकला करो. इस घटना की शिकायत पर पुलिस ने तमाम धाराओं में मामला दर्ज किया गया है."

दूल्हे के साथ-साथ उनके रिश्तेदारों को भी पत्थर मारकर बेइज्जत किया गया.  जितेंद्र की शादी की  खुशियों में इन दबंगों ने खलल डाला और सरेआम बेइज्जत किया गया. जिसको लेकर दूल्हा और उनके रिश्तेदारों ने पुलिस थाना बड़ागांव में इस घटना की शिकायत की है. टीकमगढ़ जिले की इस घटना ने समानता के अधिकारों को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है.