दुबारा पोस्टमार्टम, एफआईआर की मांग को लेकर अड़े थे स्वजन
जौनपुर। सरपतहा थाना क्षेत्र के सरायमोहिउद्दीनपुर गांव में रविवार सुबह संदिग्ध हालत में मिले रणजीत के शव को लेकर परिजनों ने जब तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तब तक शव को दरवाजे पर ही रखा रहा। वे युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए दुबारा पोस्टमार्टम और आरोपितों के खिलाफ नामजद एफआईआर की मांग पर अड़े रहे।
सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस ने जब चार आरोपितों अखिलेश, शनि, दिवाकर और हरीलाल के खिलाफ षड्यंत्र और हत्या की धाराओं में नामजद मामला दर्ज किया, तब जाकर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। मृतक रणजीत, गांव निवासी भारत के पुत्र थे।
उसका शव घर से लगभग 50 मीटर दूर एक निर्माणाधीन मकान के बाहर मिला था। घटना को लेकर परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताई, जबकि पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही थी। पहले किए गए पोस्टमार्टम से असंतुष्ट परिजन दुबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे थे। वहीं पुलिस बिना पूरी जांच के किसी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने से कतरा रही थी, लेकिन परिजनों के विरोध और शव को नहीं उठाने के रवैये के चलते आखिरकार पुलिस को झुकना पड़ा।