गरीब ठेला खुंचा आदि वस्तुओं की
दुकान लगाने वालों पर बरसाई जाती है लाठियां
जौनपुर। शहर के विभिन्न स्थानों समेत हर दिन जेसीस से ओलन्दगंज की तरफ आने और जाने वाले राहगीर हर दिन आड़े तिरछे तरीकों से तीन एवं चार पहिया वाहनों के सड़क के किनारे खड़े रहने के कारण जाम में फस कर व्यवस्था को कोसते नजर आते देखा जाता है। जाम के कारण पैदल एवं दो पहिया वाहन स्वामियों को हमेशा कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यातायात की जिनके कंधों पर जिम्मेदारी है यानी ट्रैफिक जवानों का डंडा ऐसे लोगों पर नहीं उठता है बल्कि गरीब ई रिक्शा या सड़क किनारे ठेला खुमचा लगाकर किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले सीधे सादे लोगों पर उठता हैं। जिसकी इन दिनों शहर में काफी चर्चा हो रही है। जबकि चार पहिया वाहन व तीन पहिया जो आड़े तिरछे तरीकों से जहां चाहते हैं वहीं खड़ा कर देते है ऐसे लोगों को हिदायत देकर या समझा कर हटा दिया जाता है। और किसी तरह की संबंधित कार्यवाही भी नहीं की जाती जिसके चलते आए दिन शहर के विभिन्न स्थानों के अलावा मुख्य रूप से जेसीस चौराहे से ओलन्दगंज की तरफ आने एवं जाने वाले रास्ते जाम रहते हैं।हर दिन पैदल चलने वाले और दो पहिया वाहन स्वामी आधा से एक घंटा तक जाम में फंसे रहते हैं।यह सब कुछ जानते हुए भी यातायात की जिम्मेदारी संभालने वाले लोग चार पहिया वाहन एवं तीन वाहन स्वामियों को नजर अंदाज करते देखे जाते हैं। जिसकी स्थानीय लोगों में काफी चर्चा हो रही है। समाधान की उम्मीद रखने वाले स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया है। जब इस समस्या से अवगत कराते हुए यातायात निरीक्षक सुशील मिश्रा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पूरे शहर में अतिक्रमण फैला हुआ है। इसके संबंध में डीएम साहब को पत्र भी लिखा गया है आज शाम 6:00 बजे इसी संबंध में बैठक भी है। नगर पालिका से भी बातचीत चल रही है गाड़ियों के पार्किंग के लिए।यह कहने पर के सिर्फ ठेला खुमचा ई रिक्शा वालों के ही विरुद्ध कार्रवाई की जाती है तो उन्होंने कहा नहीं ऐसी बात नहीं है चार पहिया वाहनों के विरुद्ध भी कार्यवाही अमल में लाई जाती है। कोतवाली चौराहे से सुतहटटी चौराहे के बीच इतनी चौड़ी रोड है उसके बाद भी लोग नाली को नहीं छोड़ रहे हैं रोड पर ही ठेला खुमचा आदि वस्तुओं की दुकानों को लगा ले रहे हैं जिससे रोड पर जाम की स्थिति बनती है इस कारण लोगों को हटाया जाता है। जेसीस से ओलन्दगंज तक चार पहिया एवं तीन पहिया वाहनों से लगने वाले जाम की बात पर उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 15 20 चार पहिया वाहनों का चालान किया जाता है।