तीन दिवसीय फातमी मजालिस के सिलसिले की आखिरी मजलिस में ताबूत बरामद हुआ

Belal Jani
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श्रद्धालुओं ने नम आंखों से की जियारत 

जौनपुर।मदरसा इमानिया नासिरिया में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अययामे फातिमी के सिलसिले की तीसरे दिन की आखिरी मजलिस की शुरूआत मुजफ्फरनगर से आये देश के मशहूर शोजखवांं जनाब हसन अली साहब ने अपने बेहतरीन अंदाज में शोजखवानी किया। उन्होंने अपने शेर के माध्यम से शहजादी फातिमा की खूबियां व अच्छाइयों का बखान किया। इसके बाद कार्यक्रम के संयोजक और मदरसा नासिरिया के प्रिंसिपल मौलाना महफूजूल हसन खान ने मजलिस को संबोधित किया अपने संबोधन में उन्होंने अपने समाज के लोगों को समाज में फैली गलत बातों से दूर रहने की हिदायत दी। अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बाद शहजादी फातिमा जहरा सलवातुल्लाह अलेहा का हक मुसलमानों ने छीन लिया, जबकि वह पैगम्बर मुहम्मद मुस्तफा की एकमात्र उत्तराधिकारी थीं उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए अपने समाज के लोगों से कहा कि समाज और देश में शांति और भाईचारा बढ़ाने की जरूरत है इसे आगे बढ़ाना चाहिए। मजलिस के खत्म होने के पश्चात शबीहे ताबूत बरामद हुआ, जिसकी अकीदतमंदों ने अकीदत के साथ नम आंखों से जयारत की और देश के मशहूर और जाने-माने नौहाखवां जनाब मुहम्मद रजा साहब ने बेहतरीन अंदाज में नौहा पेश किया।

कार्यक्रम तय समय पर समाप्त हुआ कार्यक्रम के संयोजक जनाब मौलाना महफूजुल हसन खान ने आये हुए सभी मोमिनों का शुक्रिया अदा किया। कार्यक्रम का संचालन मौला सैयद आबिद रजा ने किया
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मदरसा प्रबंधक अहमद जहां खान एडवोकेट, मौलाना मुहम्मद मुस्तफा इस्लामी, मौलाना फजल अब्बास, मौलाना मुहम्मद जाफर, मौलाना मोहम्मद यूसुफ खान, मौलाना नजफ अली, मौलाना मुबाशेर हुसैन, मौलाना उरूज हैदर, शोएब जैदी, मिशकुरुल हसन शाजान समेत बहुत से सेवक और मोमिन मौजूद रहे।