भ्रष्टाचार के कारण कर्मचारियों को छः माह से नहीं मिला वेतन

Belal Jani
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जौनपुर। जब सरकारी तंत्र ही भ्रष्टाचार में डूबा है तो न्याय की उम्मीद किससे की जाय खास तौर पर बेसिक शिक्षा विभाग, यहां नित नये खेल का खुलासा हो रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग का हाल सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा है। जनता पूर्व माध्यमिक विद्यालय अर्गुपुर कला के कर्मचारियों को छः माह से वेतन नहीं मिला। उसका मुख्य कारण भ्रष्टाचार है।
शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी पिछले छः महीनों से अपने वेतन से वंचित हैं। इससे कर्मचारी न केवल आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कई कर्मचारी अपने घरों से दूर क्षेत्र के हैं। आने—अनजाने तक आर्थिक संकट झेल रहे हैं।
आरोप है कि कर्मचारियों ने बार-बार अपनी मांगें बेसिक शिक्षा विभाग अधिकारी के समक्ष रखीं लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया गया और समस्या का समाधान नहीं किया। इससे कर्मियों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
बीएसए के सामने शायद शिक्षकों की शिकायत का कोई महत्व नहीं। प्रबंधक द्वारा वेतन बिल पर हस्ताक्षर करने के बदले प्रति कर्मियों से 10 हजार से 20 हजार रूपये प्रतिमाह मांग को कार्यरत कर्मियों ने देने से मना कर दिया।
शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों से प्रबन्धक द्वारा अवैध वसूली करने व मानसिक रूप सें प्रताड़ित करने सम्बन्ध में प्रधानाध्यापक अमित सिंह और सभी कर्मियों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. गोरखनाथ पटेल से बार-बार वेतन न मिलने दर्जनों बार प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की परन्तु छः माह बाद भी प्रबन्धक के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई। अब किससे न्याय की उम्मीद की जाय?